Friday, February 20, 2009

आर्थिक सर्वेक्षण की मुख्य बातें


वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2007-08 का आर्थिक सर्वेक्षण संसद के दोनों सदनों में पेश किया.
इसमें वैश्विक अर्थव्यवस्था का भारत पर असर पड़ने और विकास की गति घटने की आशंका जताई गई है.


मुख्य बातें


वित्त वर्ष 2007-08 में आर्थिक विकास दर 8.7 प्रतिशत रहने की उम्मीद.
महँगाई दर 5.6 फ़ीसदी से घट कर 4.1 फ़ीसदी होने की संभावना.
कर वसूली में भारी वृद्धि.
बुनियादी संरचना में आ जा रही अड़चनों और उपभोक्ता सामान के क्षेत्र में मंदी पर चिंता.
मौजूदा वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था एक खरब डॉलर को पार कर सकती है.
वित्तीय सेवाओं में लगभग 14 फ़ीसदी की वृद्धि.
अमरीकी बैंकिंग कारोबार में अस्थिरता के असर का आकलन करना मुश्किल और इस पर अनिश्चितता की स्थिति.
वर्ष 2006-07 में विदेशी निवेश 150 प्रतिशत बढ़ा.
सड़क, बंदरगाह, बिजली जैसी बुनियादी संरचना को मज़बूत बनाने की ज़रूरत.
निजी क्षेत्र के लिए सरल और ठोस नीति की आवश्यकता.
सामाजिक क्षेत्र में सरकारी निवेश सात वर्षों में 16 प्रतिशत बढ़ा.
कृषि पर संकट बरकरार. कृषि उत्पादन में कमी होने की आशंका.